उत्तर प्रदेश महिला सामर्थ्य योजना 2026: ₹2 लाख आय वाली महिलाएं 90 दिन में बनेगी उद्यमी, ऐसे करें आवेदन

प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल महिलाओं को प्रशिक्षण देना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वे प्रशिक्षण के बाद अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चरणों में कई महिलाएं पूंजी और बाजार की कमी के कारण काम शुरू नहीं कर पाती थीं। इस योजना के तहत अब तीन स्तरों पर सहायता दी जाती है:

  1. निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण: महिलाओं को 90 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।

  2. प्रशिक्षण अवधि के दौरान आर्थिक सहायता: प्रशिक्षण के दौरान ₹5,000 की सहायता राशि दी जाती है, ताकि वे अपना ध्यान पूरी तरह से सीखने पर लगा सकें।

  3. व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता: मुद्रा ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे व्यवसाय शुरू करने का बोझ कम हो जाता है।

महिला सामर्थ्य योजना के तहत मिलने वाली सहायता: एक त्वरित मार्गदर्शिका

सहायता का प्रकार राशि/सुविधा आवश्यक शर्तें
प्रशिक्षण स्टाइपेंड ₹5,000 (एक बार में) प्रशिक्षण में कम से कम 75% उपस्थिति अनिवार्य
टूल किट सहायता ₹2,000 तक के उपकरण प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर
ब्याज सब्सिडी ब्याज का 50% (अधिकतम ₹50,000 के ऋण पर) मुद्रा योजना (शिशु ऋण) के तहत ऋण लेना अनिवार्य
बाजार उपलब्धता जिला स्तर पर आयोजित मेलों/प्रदर्शनियों में भागीदारी का अवसर स्थानीय ‘सामर्थ्य केंद्र’ द्वारा आयोजित

महिला सामर्थ्य योजना 2026: पात्रता मानदंड

इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। मूल लेख के अनुसार, आवेदन रद्द होने का सबसे बड़ा कारण पात्रता मानदंडों को पूरा न करना है।

  • निवास: आवेदिका उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए। आधार कार्ड पर उत्तर प्रदेश का पता होना चाहिए।

  • आयु सीमा: 1 जनवरी 2026 को आवेदिका की आयु कम से कम 18 वर्ष पूरी हो गई हो और 45 वर्ष से अधिक की न हो।

  • पारिवारिक आय: परिवार की वार्षिक आय ₹2,00,000 से कम होनी चाहिए। इसके लिए तहसील स्तर से जारी आय प्रमाण पत्र आवश्यक है।

  • शैक्षणिक योग्यता: कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है। अनपढ़ या कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं।

  • अन्य शर्तें: जो महिलाएं पहले से ही किसी अन्य स्वरोजगार योजना (जैसे – विश्वकर्मा योजना) का लाभ ले रही हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

  • प्राथमिकता: विधवा, तलाकशुदा, दिव्यांग और BPL कार्ड धारक महिलाओं को चयन में विशेष प्राथमिकता दी जाती है。

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची

आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों को सेल्फ-अटेस्टेड (स्वयं द्वारा प्रमाणित) फोटोकॉपी के रूप में संलग्न करना होगा।

  1. आधार कार्ड (जिसका मोबाइल नंबर से लिंक हो)

  2. निवास प्रमाण पत्र (तहसील या राजस्व विभाग द्वारा जारी और 6 माह से अधिक पुराना न हो)

  3. आय प्रमाण पत्र (तहसील स्तर से जारी)

  4. बैंक पासबुक (आवेदिका के नाम से, जिसका आधार से लिंक हो और NPCI मैपिंग सक्रिय हो)

  5. पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (4 प्रतियाँ)

  6. शैक्षणिक योग्यता के अंकतालिकाएँ (यदि उपलब्ध हों; अनिवार्य नहीं)

  7. शपथ पत्र (₹10 के स्टांप पेपर पर, जिसमें यह उल्लेख हो कि वे किसी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं ले रही हैं)

महत्वपूर्ण सुझाव: बैंक की पासबुक पर ‘आधार सीडेड’ (आधार लिंक) की मुहर अवश्य लगवा लें। इसी वजह से 80% आवेदन रुक जाते हैं।

ऑनलाइन आवेदन नहीं, ये रही सही प्रक्रिया

महत्वपूर्ण: अभी तक इस योजना के लिए कोई आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च नहीं किया गया है। फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें। पैसे मांगने वाली कोई भी वेबसाइट पूरी तरह से नकली है। सही प्रक्रिया निम्नलिखित है:

चरण 1: अपने ब्लॉक के ‘जिला उद्योग केंद्र’ या ‘सामर्थ्य केंद्र’ का पता लगाएं। यह जानकारी आप 181 (महिला हेल्पलाइन) पर कॉल करके प्राप्त कर सकती हैं।
चरण 2: केंद्र पर जाकर निःशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
चरण 3: फॉर्म को नीले/काले पेन से सावधानीपूर्वक भरें। ऊपर सूचीबद्ध सभी दस्तावेजों की सेल्फ-अटेस्टेड प्रतियां संलग्न करें।
चरण 4: पूरा फॉर्म वापस उसी ‘सामर्थ्य केंद्र’ पर जमा करें और जमा करने की पावती रसीद अवश्य प्राप्त करें।
चरण 5: चयन होने पर आपको पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इसके 15 दिनों के भीतर प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा।

चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण का समय

प्रत्येक ब्लॉक में सीटों की एक निश्चित संख्या होती है। यदि आवेदनों की संख्या अधिक होती है, तो चयन निम्नलिखित प्राथमिकता क्रम में किया जाता है:

  1. प्रथम प्राथमिकता: विधवा, दिव्यांग और BPL कार्ड धारक महिलाएँ।

  2. द्वितीय प्राथमिकता: 25 से 35 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएँ (दीर्घकालिक रोजगार की संभावना को देखते हुए)।

  3. अंतिम चरण: कुछ जिलों में एक संक्षिप्त साक्षात्कार (5 मिनट) भी लिया जाता है।

चयन के 20 दिनों के भीतर प्रशिक्षण प्रारंभ हो जाता है। ₹5,000 का स्टाइपेंड प्रशिक्षण के 45वें दिन सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित (DBT) कर दिया जाता है, जबकि टूल किट प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रदान की जाती है।

व्यवसाय ऋण सब्सिडी: स्टेप बाय स्टेप गाइड

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर एक प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान किया जाता है। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर आप ऋण सब्सिडी का लाभ उठा सकती हैं:

  1. व्यवसाय योजना बनाएं: ‘सामर्थ्य केंद्र’ के कर्मचारी आपको एक सरल व्यवसाय योजना बनाने में मदद करेंगे (उदाहरण – “सिलाई मशीन खरीदकर सिलाई का काम”)。

  2. बैंक में ऋण के लिए आवेदन करें: किसी भी अनुसूचित बैंक में ‘मुद्रा शिशु ऋण’ (अधिकतम ₹50,000) के लिए आवेदन करें। आवेदन के साथ प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और व्यवसाय योजना संलग्न करें。

  3. ब्याज सब्सिडी का दावा करें: ऋण स्वीकृत होने के बाद, हर 6 माह पर चुकाए गए ब्याज की रसीद ‘सामर्थ्य केंद्र’ में जमा करें। सरकार ब्याज का 50% सीधे आपके बैंक खाते में वापस कर देगी।

नोट: यह सब्सिडी अधिकतम 3 वर्षों के लिए और केवल ₹50,000 तक के ऋण पर ही मान्य है।

शिकायत निवारण प्रणाली

यदि कोई सहायता राशि नहीं आती है या अन्य कोई समस्या आती है, तो निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. 181 हेल्पलाइन: कॉल करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। 7 दिनों में जवाब मिलने की उम्मीद है।

  2. सामर्थ्य केंद्र जाएं: पावती रसीद लेकर ‘सामर्थ्य केंद्र’ पर जाएं और वहां स्थित रजिस्टर में अपने आवेदन की स्थिति चेक करें।

  3. बैंक में NPCI स्थिति चेक करें: बैंक जाकर पुष्टि करें कि आधार सीडिंग सही है या नहीं। कई बार स्टाइपेंड न आने का यही कारण होता है।

  4. सीएम हेल्पलाइन (1076): यदि उपरोक्त स्तरों पर समाधान नहीं होता है, तो यहां शिकायत दर्ज कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या केवल ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं ही इस योजना का लाभ उठा सकती हैं?
उत्तर: नहीं, यह योजना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए है।

प्रश्न 2: यदि आयु 45 वर्ष से अधिक है, तो क्या कोई मौका नहीं है?
उत्तर: नियमानुसार 45 वर्ष अधिकतम आयु है। लेकिन यदि सीटें खाली रह जाती हैं, तो कुछ केंद्र 50 वर्ष तक की महिलाओं को भी प्रवेश दे सकते हैं। इसके लिए केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से बात करनी होगी।

प्रश्न 3: प्रशिक्षण केंद्र कहाँ होता है और आने-जाने का खर्च कौन वहन करेगा?
उत्तर: प्रशिक्षण ब्लॉक स्तर पर स्थित केंद्रों पर ही होता है, ताकि दूरी कम से कम हो। फिर भी, आने-जाने का खर्च स्वयं वहन करना होगा। इसी उद्देश्य से ₹5,000 का स्टाइपेंड दिया जाता है।

प्रश्न 4: क्या प्रशिक्षण केवल सिलाई तक सीमित है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। जिले के अनुसार ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग (अचार, मुरब्बा), हैंडीक्राफ्ट, एलईडी बल्ब निर्माण आदि के विकल्प भी उपलब्ध हैं。

प्रश्न 5: क्या इस योजना के लिए कोई आवेदन शुल्क है?
उत्तर: नहीं, यह योजना पूरी तरह से निःशुल्क है। फॉर्म से लेकर प्रशिक्षण तक किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं है।

प्रश्न 6: यदि मेरे पास BPL कार्ड नहीं है, तो क्या मैं आवेदन कर सकती हूँ?
उत्तर: हाँ, BPL कार्ड अनिवार्य नहीं है। मुख्य पात्रता वार्षिक पारिवारिक आय ₹2 लाख से कम होना है। आप तहसील से आय प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन कर सकती हैं。

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