PM Krishi Sinchai Yojana 2026: किसानों को ड्रिप पर 90% सब्सिडी, बजट 8,260 करोड़ रुपये, जानें कैसे करें आवेदन

भारत सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और “हर खेत को पानी” के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत की थी। यह एक महत्वपूर्ण केंद्र सरकार की योजना है, जो देश के कोने-कोने में सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। आज हम इस लेख में आपको PM Krishi Sinchai Yojana के तहत मिलने वाली सब्सिडी, बदलाव, नियम और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

PM Krishi Sinchai Yojana 2026 का अवलोकन

इस योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें एक नजर में:

विवरण जानकारी
योजना का नाम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana – PMKSY)
शुरुआत की तिथि 1 जुलाई 2015
प्रमुख उद्देश्य “हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” (Per Drop More Crop)
वित्त वर्ष 2025-26 का बजट ₹8,260 करोड़
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ₹6,587 करोड़ (केंद्रीय बजट 2026 में प्रस्तावित)
कुल बजट (FY22-FY26) ₹93,068 करोड़
लाभार्थी देश के सभी किसान
आवेदन का तरीका ऑनलाइन (राज्य सरकारों की ऑनलाइन पोर्टल या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से)

क्यों है यह योजना इतनी खास?

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) किसानों की आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। इसके मुख्य उद्देश्य हैं:

  • हर खेत तक पहुंच: सरकार का लक्ष्य देश के हर किसान के खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना है, ताकि वे बारिश पर निर्भर न रहें।

  • पानी की बचत: “प्रति बूंद अधिक फसल” (Per Drop More Crop) के तहत, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देकर पानी की बर्बादी रोकी जा रही है और अधिक पैदावार ली जा रही है

  • उपज में वृद्धि: सुनिश्चित सिंचाई से किसान साल में कई फसलें उगा सकते हैं, जिससे उनकी उपज और आमदनी बढ़ती है।

PMKSY के घटक: किस भाग में कितना बजट?

PM Krishi Sinchai Yojana एक छतरी योजना (Umbrella Scheme) है, जिसके अंतर्गत कई उप-योजनाएं आती हैं। ये सभी मिलकर सिंचाई के व्यापक ढांचे को मजबूत करती हैं। यहाँ प्रमुख घटकों का ब्यौरा दिया गया है:

घटक पूरा नाम वित्त वर्ष 2025-26 का बजट कार्य क्या है?
AIBP Accelerated Irrigation Benefit Programme ₹3,400 करोड़ अधूरी नहरों और बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को समय पर पूरा करना
PDMC Per Drop More Crop ₹2,800 करोड़ ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम पर सब्सिडी प्रदान करना। यह किसानों के लिए सबसे अहम हिस्सा है
WDC Watershed Development Component ₹1,200 करोड़ वाटरशेड विकास, तालाबों, चेक डैम और बंजर भूमि के सुधार पर काम
RRR Repair-Renovation-Restoration ₹860 करोड़ पुराने जल स्रोतों (तालाबों, कुओं) की मरम्मत और पुनरुद्धार

नोट: किसानों को सीधे तौर पर PDMC घटक से सबसे ज्यादा जुड़ाव होता है, क्योंकि इसी के तहत ड्रिप-स्प्रिंकलर पर सब्सिडी मिलती है।

PM Krishi Sinchai Yojana 2026: नई सब्सिडी दरें

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2026 में सब्सिडी को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं। विशेष रूप से सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) पर सब्सिडी बढ़ाकर, सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को बड़ी राहत दी है

  • ड्रिप-स्प्रिंकलर पर अधिकतम सब्सिडी: उत्तर पूर्वी राज्यों, पहाड़ी क्षेत्रों और एससी/एसटी किसानों को सब्सिडी की दर 90% तक बढ़ा दी गई है

  • UP, बिहार, MP, राजस्थान जैसे राज्यों में: यहाँ छोटे और सीमांत किसानों को 75% तक की सब्सिडी दी जा रही है

  • सामान्य वर्ग के किसान: अन्य किसानों को 45% से 55% तक की सब्सिडी का लाभ मिलेगा

आवेदन कैसे करें? (Online Application Process)

इस योजना के तहत आवेदन करना अब काफी आसान हो गया है। हालाँकि, PMKSY मुख्य रूप से राज्य सरकारों के माध्यम से लागू होती है, इसलिए आवेदन की प्रक्रिया राज्य के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है। आमतौर पर आप ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  1. अपने राज्य के कृषि या उद्यानिकी (Horticulture) विभाग की वेबसाइट पर जाएं: आमतौर पर, किसान अपने-अपने राज्य की ई-किसान या सिंचाई पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।

  2. PMKSY या सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) सेक्शन चुनें: अधिकतर राज्य सरकारों के पास ‘ड्रिप एंड स्प्रिंकलर सब्सिडी योजना’ का एक अलग सेक्शन होता है।

  3. रजिस्ट्रेशन करें: अपने आधार नंबर, बैंक खाता विवरण और जमीन के कागजात (खतौनी) के साथ पंजीकरण करें।

  4. फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें: ऑनलाइन फॉर्म को ध्यानपूर्वक भरें और सभी मांगे गए दस्तावेज़ (आधार, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात, फोटो आदि) अपलोड करें।

  5. फॉर्म सबमिट करें: सबमिट करने के बाद आपको एक आवेदन संख्या (Application ID) मिल जाएगी। इसका प्रिंट आउट जरूर निकाल कर रख लें।

योजना से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें

  • प्रगति (2026 का अपडेट): फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, PMKSY के तहत अब तक 1.12 करोड़ हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा विकसित हो चुकी है। सिर्फ वित्त वर्ष 2024-25 में 17.21 लाख हेक्टेयर नया क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आया है

  • प्रधानमंत्री की पहल: मई 2026 में, प्रधानमंत्री ने इस योजना को तेजी से लागू करने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सुझाव दिया कि MGNREGA योजना को PMKSY के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए, ताकि सिंचाई परियोजनाओं में रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकें

यह योजना भारतीय किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। अगर आप खेती करते हैं और उन्नत तकनीक से पैदावार बढ़ाना चाहते हैं, तो बिना देरी किए इस योजना का लाभ उठाएं।

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