MP TET New Rule 2026: किन शिक्षकों को देना होगा एग्जाम? | MP Teachers TET Update 2026

मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों के करियर पर एक बार फिर से संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस बार वजह है शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सितंबर 2025 का वह ऐतिहासिक फैसला, जिसने सेवारत शिक्षकों के लिए भी TET पास करना अनिवार्य कर दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन जब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, शिक्षकों की चिंताएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार ने जल्द ही इस विवाद को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है, लेकिन अभी शिक्षकों को धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। यह लेख इस पूरे मामले पर विस्तार से रोशनी डालेगा और हर एक पहलू को स्पष्ट करेगा।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और उसकी अनिवार्यता (SC Order & Its Mandate)

1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कहा कि कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। यह फैसला सिर्फ नई नियुक्तियों के लिए ही नहीं, बल्कि पहले से सेवारत शिक्षकों के लिए भी लागू होगा। अदालत के अनुसार:

  • नई नियुक्तियों के लिए अनिवार्य: अब कोई भी नया शिक्षक तभी नियुक्त हो सकेगा, जब उसने TET उत्तीर्ण किया हो।

  • सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य: जो शिक्षक पहले से सेवा में हैं, उन्हें भी अपनी नौकरी बनाए रखने और पदोन्नति पाने के लिए TET पास करना अनिवार्य होगा।

कानूनी प्रक्रिया: इस फैसले के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने भी शिक्षकों की चिंताओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर की है। सरकार का तर्क है कि दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर इस तरह की नई परीक्षा की अनिवार्यता थोपना व्यावहारिक नहीं है।

5 साल का नियम: किसे देनी होगी परीक्षा और किसे छूट? (The 5-Year Rule: Who Will Have to Take the Exam and Who Will Get Exemption?)

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू “5 साल के शेष सेवाकाल” का नियम है। यह तय करता है कि किस शिक्षक पर TET का दबाव सबसे अधिक होगा और किसे थोड़ी राहत मिलेगी।

पांच साल से अधिक सेवाकाल शेष वाले शिक्षक (Teachers with More Than 5 Years Left)

यदि 1 सितंबर 2025 को किसी शिक्षक की सेवानिवृत्ति में 5 साल से अधिक का समय शेष था, तो उनके लिए TET पास करना अनिवार्य होगा।

  • समय सीमा: उन्हें अगले दो वर्षों के भीतर TET परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यह समय सीमा अगस्त 2027 तक है।

  • परीक्षा का आयोजन: इस उद्देश्य के लिए जुलाई-अगस्त 2026 में एक विशेष TET परीक्षा आयोजित की जा रही है।

  • अनुपालन न करने पर परिणाम: यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय सीमा के भीतर TET पास करने में विफल रहता है, तो उन्हें सेवा से हटना होगा या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है।

  • प्रभावित शिक्षकों की संख्या: इस नियम के तहत लगभग 1 लाख से अधिक शिक्षक TET देने के लिए बाध्य होंगे।

पांच साल या उससे कम सेवाकाल शेष वाले शिक्षक (Teachers with 5 Years or Less Left)

जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल या उससे कम का समय शेष है, उनके लिए नियम थोड़े अलग हैं। उन्हें TET पास करने से छूट दी गई है।

  • मौजूदा पद पर बने रहना: वे बिना TET पास किए अपने वर्तमान पद पर बने रह सकते हैं。

  • पदोन्नति पर रोक: हालांकि, उनके लिए एक बड़ी शर्त यह है कि वे भविष्य में कभी भी पदोन्नति (Promotion) के पात्र नहीं होंगे, जब तक कि वे TET उत्तीर्ण नहीं कर लेते।

विशेष मामला: 2005 से पहले नियुक्त शिक्षक (Special Case: Teachers Appointed Before 2005)

स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने संकेत दिए हैं कि वर्ष 2005 से पहले नियुक्त शिक्षकों के मामले में सरकार विशेष विचार कर रही है। उनके लिए नियमों में कुछ राहत या अलग प्रावधान हो सकते हैं।

किसे नहीं देनी होगी TET? (Who Will Not Have to Take TET?)

निम्नलिखित श्रेणियों के शिक्षकों को TET परीक्षा से छूट मिलने की संभावना है:

  • पांच साल से कम सेवाकाल वाले शिक्षक: जैसा कि ऊपर बताया गया है, उन्हें TET देने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि पदोन्नति के लिए यह अनिवार्य होगी।

  • वर्ष 2005 से पहले नियुक्त शिक्षक: सरकार इन शिक्षकों को छूट देने पर विचार कर रही है।

  • वे शिक्षक जो पहले ही TET/CTET पास कर चुके हैं: जिन शिक्षकों ने पहले ही पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, उन्हें फिर से परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी।

  • विशेष श्रेणियों के शिक्षक: माध्यमिक शिक्षक, खेल शिक्षक, और अन्य विशेष श्रेणियों को इस नियम से बाहर रखा जा सकता है।

किन शिक्षकों पर क्या असर होगा?

नीचे दी गई तालिका आपको सरल भाषा में समझा देगी कि इस नए नियम का असर किन पर कैसा पड़ेगा:

शिक्षक की श्रेणी (Teacher Category) TET अनिवार्यता (TET Mandate) नियम का विवरण (Rule Details) अनुपालन न करने पर परिणाम (Consequence of Non-Compliance)
नए शिक्षक भर्ती (New Recruitments) हाँ, अनिवार्य TET उत्तीर्ण किए बिना कोई नियुक्ति नहीं। नियुक्ति असंभव
सेवारत (5+ वर्ष सेवाकाल शेष) हाँ, अनिवार्य 2 वर्ष के भीतर TET पास करना होगा। अनिवार्य सेवानिवृत्ति या नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है
सेवारत (5 वर्ष या उससे कम शेष) नहीं (मौजूदा पद के लिए) मौजूदा पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन TET के बिना पदोन्नति नहीं मिलेगी। पदोन्नति से वंचित रहना
वर्ष 2005 से पहले नियुक्त छूट मिलने की संभावना (Likely Exempt) सरकार विशेष विचार कर रही है, आदेश आना बाकी है। अभी स्पष्ट नहीं
पहले से TET/CTET पास नहीं पहले से पात्रता साबित कर चुके हैं। कोई परिणाम नहीं
माध्यमिक / खेल शिक्षक नहीं (संभावित) विशेष श्रेणियों को बाहर रखा जा सकता है। कोई परिणाम नहीं

आगे की प्रक्रिया: आदेश, प्रशिक्षण और विरोध (Next Steps: Orders, Training, and Protests)

नए आदेश की प्रतीक्षा (Awaiting the New Order)

स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण आयुक्त के बीच बैठक के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि TET पर एक नया और स्पष्ट आदेश जारी किया जाएगा। इस आदेश में साफ-साफ बताया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य है और किन्हें इससे छूट दी जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन (Training and Guidance)

यदि TET की अनिवार्यता यथावत रहती है, तो सरकार शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी। यह प्रशिक्षण तहसील और विकासखंड स्तर पर होगा, जिसमें शिक्षकों को परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्रम के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन (Teachers’ Protest)

इस नियम से असंतुष्ट शिक्षकों ने 18 अप्रैल 2026 को भोपाल के BHEL मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि 20-25 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों से दोबारा परीक्षा देना उनके आत्मसम्मान पर आघात है। शिक्षकों का तर्क है कि RTE कानून 2010 में लागू हुआ था, और इससे पहले नियुक्त शिक्षकों पर इस नियम को लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

शिक्षक संगठनों का रुख (Stance of Teacher Organizations)

सभी शिक्षक संगठन सरकार के इस रुख से संतुष्ट नहीं हैं। ‘अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा’ ने विभागीय बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि बैठक में उनके अधिकृत प्रतिनिधि शामिल नहीं थे। वहीं, ‘आउटसोर्स कर्मचारी संघ’ ने आरोप लगाया है कि बैठक में उन संगठनों को शामिल किया गया, जो TET से सीधे प्रभावित नहीं हैं।

प्रभावित शिक्षकों की अन्य शिकायतें

TET के अलावा, शिक्षकों ने कई अन्य लंबित मुद्दों को भी उठाया है:

  • वेतन वृद्धि और समयमान वेतनमान: कई शिक्षकों के वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान से जुड़े मामले लंबित हैं। विभाग ने इन्हें जल्द निपटाने का आश्वासन दिया है।

  • आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याएं: आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या सभी सेवारत शिक्षकों को TET देना अनिवार्य है?

उत्तर: नहीं, यह उनके शेष सेवाकाल पर निर्भर करता है। जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल से अधिक का समय शेष है, उनके लिए यह अनिवार्य है। जिनकी सेवानिवृत्ति में 5 साल या उससे कम समय है, उन्हें इससे छूट दी गई है, लेकिन वे पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।

प्रश्न 2: यदि मैं 5 साल से अधिक सेवाकाल वाला शिक्षक हूं और TET पास नहीं कर पाता, तो क्या होगा?

उत्तर: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, यदि आप निर्धारित समय सीमा (2 वर्ष) के भीतर TET पास करने में विफल रहते हैं, तो आपको अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है या आपको अपनी नौकरी छोड़नी पड़ सकती है।

प्रश्न 3: क्या सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कोई कदम उठाया है?

उत्तर: हाँ, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 17 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर की है।

प्रश्न 4: क्या 2005 से पहले नियुक्त शिक्षकों को इस नियम से छूट मिल सकती है?

उत्तर: स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस आशय के संकेत दिए हैं कि सरकार वर्ष 2005 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए विशेष विचार कर रही है, लेकिन इस पर अभी कोई अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।

प्रश्न 5: क्या TET पास किए बिना मुझे पदोन्नति मिल सकती है?

उत्तर: नहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, सेवारत शिक्षकों के लिए पदोन्नति पाने हेतु TET पास करना अनिवार्य है। यहां तक कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 5 साल से कम समय शेष है, उन्हें भी पदोन्नति के लिए TET देना होगा।

प्रश्न 6: क्या माध्यमिक शिक्षकों (High School Teachers) को भी TET देना होगा?

उत्तर: स्कूल शिक्षा मंत्री के अनुसार, माध्यमिक शिक्षकों, खेल शिक्षकों और अन्य विशेष श्रेणियों को इस नियम से बाहर रखा जा सकता है।

प्रश्न 7: क्या TET परीक्षा की तैयारी के लिए कोई प्रशिक्षण दिया जाएगा?

उत्तर: हाँ, सरकार ने योजना बनाई है कि यदि TET अनिवार्य रहता है, तो तहसील और विकासखंड स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें शिक्षकों को पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न की जानकारी दी जाएगी।

प्रश्न 8: मुझे TET परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी कहां मिलेगी?

उत्तर: आपको स्कूल शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय समाचार पत्रों पर इससे जुड़ी नवीनतम जानकारी मिलती रहेगी।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश के शिक्षक वर्तमान में TET अनिवार्यता को लेकर एक बड़े दुविधा का सामना कर रहे हैं। एक ओर सुप्रीम कोर्�्ट का सख्त आदेश है, तो दूसरी ओर सरकार पुनर्विचार याचिका के माध्यम से उन्हें राहत दिलाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, यह स्थिति अंतिम नहीं है और सरकार से जल्द ही एक स्पष्ट आदेश जारी होने की उम्मीद है। सभी प्रभावित शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे धैर्य रखें और विभाग के आधिकारिक आदेश की प्रतीक्षा करें। साथ ही, वे अपने लंबित वेतन और अन्य मामलों का समाधान कराने के लिए संबंधित विभागों से संपर्क कर सकते हैं। जैसे ही इस मामले पर कोई नया और अंतिम फैसला आता है, हम आपको इसकी जानकारी तुरंत प्रदान करेंगे।

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