MPTET Varg 2 & 3 Post Increase: mptet varg 3 post increase | MP Teacher Bharti 2026 Notification

भोपाल में 17 अप्रैल 2026 को शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रोश उबलकर बाहर आ गया। मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थी सीएम हाउस जाने के लिए निकले, लेकिन पॉलिटेक्निक चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया। अब तक पुलिस कार्रवाई में घायल अभ्यर्थियों की खबरें भी सामने आ रही हैं।

MP Teacher Recruitment Protest Overview

सबसे पहले समझ लेते हैं कि यह विवाद क्या है, आखिरकार क्यों भड़का और इसके पीछे की प्रमुख बातें क्या हैं। नीचे दी गई तालिका से आप पूरे मामले को जल्दी समझ सकते हैं:

विवरण जानकारी
क्या हुआ? MP शिक्षक भर्ती (वर्ग-2 और वर्ग-3) के अभ्यर्थियों का सीएम हाउस की ओर प्रदर्शन, पुलिस ने रोका और कई को हिरासत में लिया
कब हुआ? शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026
कहां हुआ? पॉलिटेक्निक चौराहा, भोपाल (राजधानी)
प्रदर्शनकारी कौन? वर्ग-2 (माध्यमिक) और वर्ग-3 (प्राथमिक) शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी, जिनमें महिलाएं और दिव्यांग भी शामिल
प्रमुख मांगें वर्ग-2 में 10,000 पद, वर्ग-3 में 25,000 पद, 3,200 विशेष शिक्षक पदों की अलग भर्ती, और दूसरी काउंसलिंग तुरंत शुरू करना
पुलिस की कार्रवाई मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, बसों में भरकर थाने ले जाया गया, कई अभ्यर्थी घायल
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया पुलिस पर अभद्रता, गाली-गलौज और अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप
प्रदेश में कितने पद खाली? कुल 2,89,005 में से 1,74,419 भरे, 1,15,678 पद खाली (प्राथमिक में 55,626 + माध्यमिक में 44,546)

क्या है पूरा मामला? जानिए विस्तार से

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती 2025 के तहत कुल कितने पद निकाले, यह तो साफ नहीं है, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि पदों की संख्या नाममात्र की है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जब प्रदेश में 1.15 लाख से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं, तो इतनी कम संख्या में भर्ती कराने का कोई मतलब नहीं है।

अभ्यर्थियों की मांगें साफ हैं:

  • वर्ग-2 (माध्यमिक शिक्षक) भर्ती में हर विषय में कम से कम 3,000 पद या कुल मिलाकर न्यूनतम 10,000 पद बढ़ाए जाएं।

  • वर्ग-3 (प्राथमिक शिक्षक) भर्ती 2025 में पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25,000 पद किए जाएं।

  • प्राथमिक भर्ती में शामिल 3,200 विशेष शिक्षक पदों को अलग कर अलग से भर्ती निकाली जाए।

  • दोनों भर्तियों में जल्द से जल्द दूसरी काउंसलिंग शुरू की जाए।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। 17 नवंबर 2025, 6-7 जनवरी, 13 जनवरी, 21 जनवरी, 30 जनवरी, 9-10 फरवरी और 24-25 मार्च 2026 को भोपाल में कई प्रदर्शन हो चुके हैं। पहले वे खून से सीएम को आवेदन लिख चुके हैं, भूख हड़ताल कर चुके हैं, 9-10 फरवरी को विरोध स्वरूप अपना मुंडन करवा चुके हैं और मार्कशीट का दहन भी कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।

रिक्त पदों के चौंकाने वाले आंकड़े (विधानसभा के आंकड़े)

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में पेश आंकड़ों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग की स्थिति बेहद चिंताजनक है। एक बार तालिका देख लें:

विवरण संख्या
कुल स्वीकृत शिक्षक पद 2,89,005
कार्यरत शिक्षक 1,74,419
कुल रिक्त पद 1,15,678
– प्राथमिक शिक्षक रिक्त 55,626
– माध्यमिक शिक्षक रिक्त 44,546
कुल विद्यालय 83,514
– केवल एक शिक्षक वाले विद्यालय 1,968
– केवल दो शिक्षक वाले विद्यालय 46,417

अभ्यर्थियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद सरकार पर्याप्त पदों पर भर्ती नहीं निकाल रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है और योग्य युवा बेरोजगार हैं।

पुलिस कार्रवाई: क्या बोले अभ्यर्थी? क्या बोली पुलिस?

जब 17 अप्रैल को अभ्यर्थी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों का ज्ञापन देने के लिए सीएम हाउस की ओर बढ़ रहे थे, तो पॉलिटेक्निक चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

अभ्यर्थियों के आरोप:

  • पुलिस ने गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया।

  • कई अभ्यर्थियों को जबरन बसों में बैठाकर खजूरी थाने ले जाया गया।

  • एक अभ्यर्थी की उंगली फ्रैक्चर हो गई।

  • किसी को पता नहीं था कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।

ग्वालियर से आए अभ्यर्थी सूरत सिंह धाकड़ ने आरोप लगाया कि “हमें खदेड़कर गाड़ियों में बैठाया गया और थाने छोड़ दिया गया, हमारे साथ बदतमीजी की गई।”

पुलिस का कहना है कि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की, लेकिन अभ्यर्थी इससे संतुष्ट नहीं हैं और उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा डाली गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: यह प्रदर्शन क्यों हुआ?

उत्तर: यह प्रदर्शन शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर हुआ। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में 1.15 लाख से अधिक पद खाली हैं, इसके बावजूद भर्ती में नाममात्र के पद निकाले गए हैं, जिससे योग्य उम्मीदवार बेरोजगार रह जाते हैं।

प्रश्न 2: क्या पुलिस ने अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था?

उत्तर: हां, 17 अप्रैल 2026 को सीएम हाउस जाते समय पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर खजूरी थाने भेज दिया था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

प्रश्न 3: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

उत्तर: मुख्य मांगें ये हैं:

  • वर्ग-2 में 10,000 पद (हर विषय में 3,000)।

  • वर्ग-3 में 25,000 पद

  • प्राथमिक भर्ती में शामिल 3,200 विशेष शिक्षक पदों को अलग कर अलग से भर्ती।

  • दोनों भर्तियों में दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू करना।

प्रश्न 4: इससे पहले भी कोई प्रदर्शन हुआ था क्या?

उत्तर: हां, पिछले कई महीनों से अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 17 नवंबर 2025, 6-7 जनवरी, 13 जनवरी, 21 जनवरी, 30 जनवरी, 9-10 फरवरी और 24-25 मार्च 2026 को भोपाल में प्रदर्शन हो चुके हैं। अभ्यर्थी खून से सीएम को आवेदन लिख चुके हैं, भूख हड़ताल कर चुके हैं, मुंडन करवा चुके हैं और मार्कशीट जला चुके हैं।

प्रश्न 5: क्या सरकार ने अब तक कोई कदम उठाया है?

उत्तर: अभी तक अभ्यर्थियों के अनुसार, सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। अभ्यर्थियों को बार-बार केवल आश्वासन ही मिले हैं, जिससे उनकी निराशा बढ़ रही है।

प्रश्न 6: क्या इस प्रदर्शन में कोई घायल हुआ?

उत्तर: हां, अभ्यर्थियों के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान कम से कम एक अभ्यर्थी की उंगली फ्रैक्चर हो गई। कई अभ्यर्थियों ने अत्यधिक बल प्रयोग की शिकायत की है।

प्रश्न 7: अब आगे क्या होगा?

उत्तर: अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और अनिश्चितकालीन बना सकते हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का यह आंदोलन अब नए मोड़ पर आ गया है। पुलिस कार्रवाई से स्थिति और गरमा गई है। एक तरफ युवाओं की नौकरी का सपना अधूरा रह गया है, तो दूसरी तरफ रिक्त पड़े 1.15 लाख शिक्षक पद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट पैदा कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर कब और क्या निर्णय लेती है।

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