लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं को रबी सीजन में बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट की अहम बैठक में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने 30 मार्च 2026 से गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू करने का भी ऐलान किया है।
कैबिनेट के अहम फैसले
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस बार केंद्र सरकार ने गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले वर्ष यह मूल्य ₹2425 प्रति क्विंटल था। यानी किसानों को प्रति क्विंटल ₹160 अधिक मिलेंगे, जो उनकी आय में सीधी बढ़ोतरी सुनिश्चित करेगा।
6500 क्रय केंद्रों पर होगी खरीदारी
राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए इस बार 75 जिलों में करीब 6500 क्रय केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों के माध्यम से कुल 8 एजेंसियां मिलकर गेहूं की खरीद करेंगी। सभी केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे, हालांकि स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी समय में संशोधन कर सकेंगे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| खरीद की शुरुआत | 30 मार्च 2026 |
| खरीद की समाप्ति | 15 जून 2026 |
| नया MSP (प्रति क्विंटल) | ₹2585 (पिछले वर्ष ₹2425 से ₹160 अधिक) |
| कुल क्रय केंद्र | लगभग 6500 |
| खरीद का लक्ष्य | 50 लाख मीट्रिक टन |
| भुगतान अवधि | 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में |
खरीद में शामिल एजेंसियां और बुनियादी ढांचा
राज्य सरकार ने व्यापक खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कई एजेंसियों को जिम्मेदारी दी है। ये एजेंसियां मिलकर किसानों से उनके दरवाजे तक गेहूं खरीद सुनिश्चित करेंगी। खरीद प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन पर विशेष जोर दिया गया है।
| एजेंसी का नाम | भूमिका |
|---|---|
| भारतीय खाद्य निगम (FCI) | मुख्य खरीद एजेंसी |
| यूपी मंडी परिषद | राज्य स्तरीय खरीद की निगरानी |
| पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस | सहकारी खरीद एजेंसियां |
| नैफेड और एनसीसीएफ | केंद्रीय सहकारी एजेंसियां |
किसानों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं और राहत
सरकार ने केवल MSP बढ़ाने भर से संतोष नहीं किया, बल्कि किसानों की लागत कम करने और उन्हें अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं:
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अतिरिक्त भुगतान: किसानों को उतराई, छनाई और सफाई जैसे कार्यों के लिए ₹20 प्रति क्विंटल अतिरिक्त दिए जाएंगे। इससे उनकी लागत में कमी आएगी।
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तेज़ भुगतान: अब किसानों को गेहूं बेचने के 48 घंटों के भीतर ही भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में कर दिया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार का पीएफएमएस (PFMS) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
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पूर्ण डिजिटल प्रक्रिया: इस बार गेहूं खरीद पूरी तरह डिजिटल होगी। क्रय केंद्रों पर ई-पॉइंट ऑफ परचेज (e-PoP) मशीनों से किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
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बटाईदारों को बड़ी राहत: पंजीकरण कराने वाले बटाईदार किसान अब सीधे अपनी उपज बेच सकेंगे। साथ ही, पंजीकृत ट्रस्ट भी अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से गेहूं बेच सकेंगे। भुगतान सीधे ट्रस्ट के बैंक खाते में किया जाएगा।
50 लाख टन खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
राज्य सरकार ने इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह बढ़ोतरी राज्य में अच्छे उत्पादन की संभावना को देखते हुए की गई है। इस वर्ष प्रदेश में लगभग 95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हुई है, और कुल उत्पादन 425 लाख टन रहने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को समर्थन मूल्य योजना से जोड़ना है।
खरीद प्रक्रिया की समय-सारिणी
गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने एक स्पष्ट समय-सारिणी जारी की है:
| गतिविधि | तिथि/अवधि |
|---|---|
| किसानों का पंजीकरण | जारी (अब तक 1.95 लाख किसान पंजीकृत) |
| खरीद प्रक्रिया शुरू | 30 मार्च 2026 |
| खरीद प्रक्रिया समाप्त | 15 जून 2026 |
| भुगतान अवधि | खरीद के 48 घंटे के भीतर |
| क्रय केंद्र संचालन समय | सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक (जिलाधिकारी परिवर्तन कर सकेंगे) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2026 में कितना है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष ₹2425 था। किसानों को ₹160 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
प्रश्न 2: गेहूं खरीद प्रक्रिया कब शुरू और कब समाप्त होगी?
उत्तर: राज्य में गेहूं खरीद 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी।
प्रश्न 3: किसानों को गेहूं बेचने का भुगतान कितने दिनों में मिलेगा?
उत्तर: सरकार ने भुगतान की समयसीमा 48 घंटे निर्धारित की है। खरीद के 48 घंटों के भीतर राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में PFMS पोर्टल के माध्यम से भेज दी जाएगी।
प्रश्न 4: क्या बटाईदार किसान भी सीधे गेहूं बेच सकते हैं?
उत्तर: हां, सरकार ने बटाईदार किसानों को भी बड़ी राहत दी है। वे पंजीकरण कराकर सीधे गेहूं बेच सकेंगे। पंजीकृत ट्रस्ट भी अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से गेहूं बेच सकेंगे।
प्रश्न 5: इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य कितना रखा गया है?
उत्तर: राज्य सरकार ने इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। पहले यह लक्ष्य 30 लाख मीट्रिक टन था।

