उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं, जबकि गलत या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाया जा रहा है। प्रदेश के मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि एसआईआर के तहत आवेदन/सुधार की वर्तमान अंतिम तिथि 26 दिसंबर, 2025 निर्धारित की गई है। हालाँकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर इस तिथि को तीसरी बार आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
अंतिम तिथि और संभावित विस्तार
चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा को पहले ही दो बार बढ़ाया जा चुका है। वर्तमान में 26 दिसंबर, 2025 आखिरी तारीख है जब तक मतदाता अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या सूची में सुधार के लिए दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा के अनुसार, 26 दिसंबर को प्रक्रिया की अंतिम समीक्षा की जाएगी और यदि जमीनी स्तर पर कार्य पूरा करने के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है, तो तिथि को तीसरी बार बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इस संभावना को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में भी देखा जा रहा है, जिसमें आयोग को आवश्यकता पड़ने पर समयसीमा बढ़ाने की छूट दी गई है।
प्रमुख चुनौती: 2.95 करोड़ ‘असंग्रहीत’ मतदाता
इस प्रक्रिया की सबसे बड़ी चुनौती लगभग 2.95 करोड़ मतदाताओं को ट्रैक करना है, जिन्हें चुनाव आयोग ने ‘असंग्रहीत’ (Uncollectable) श्रेणी में रखा है। ये वे मतदाता हैं जो घर-घर सर्वे के दौरान अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिले हैं। इन मतदाताओं को ढूंढने और उनके विवरण का सत्यापन करने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) मिलकर कार्य कर रहे हैं।
यदि इन 2.95 करोड़ मतदाताओं का समय रहते सत्यापन नहीं हो पाता, तो अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम काटे जाने की संभावना है। यह एक बड़ी संख्या है क्योंकि प्रदेश में कुल लगभग 15.44 करोड़ मतदाताओं में से यह आंकड़ा आता है।
वर्तमान प्रगति और अगले कदम
अब तक की प्रगति के अनुसार, 82 प्रतिशत से अधिक मौजूदा मतदाताओं की मैपिंग (तुलना) वर्ष 2003 की मतदाता सूची से सफलतापूर्वक की जा चुकी है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि एसआईआर प्रक्रिया में अक्सर 2003 की सूची को आधार बनाया जाता है। प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और शुद्ध बनाने के लिए अभी पर्याप्त समय है।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया एक नाजुक और महत्वपूर्ण चरण में है। 26 दिसंबर की वर्तमान अंतिम तिथि को ध्यान में रखते हुए, सभी मतदाताओं को अपना नाम और विवरण जल्द से जल्द सत्यापित करवा लेना चाहिए। विशेष रूप से वे लोग जिन्होंने हाल ही में पता बदला है या जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें तुरंत अपने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क करना चाहिए। यदि आप ‘असंग्रहीत’ श्रेणी में हैं, तो बीएलओ के साथ सहयोग करके अपना सत्यापन करवाएं, ताकि आपका नाम मतदाता सूची से न हटे। चुनाव आयोग ने तिथि बढ़ाने का विकल्प खुला रखा है, लेकिन सुरक्षित रहते हुए समय रहते कार्यवाही पूरी कर लेना ही बेहतर है।